करन माहरा की सरकार से दो बड़ी मांगें, राम मंदिर चंदे की जांच और अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति

उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक करन माहरा ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को रानीखेत के स्प्रिंग फील्ड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कई अहम मुद्दों को उठाते हुए सरकार से पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

करन माहरा ने हाल के चर्चित शर्मा हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो उसे सरकारी स्तर पर दी गई सुविधाओं या लाइसेंस की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे, सोने और अन्य दान सामग्री के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। माहरा ने कहा कि देशभर के करोड़ों लोगों ने भगवान श्रीराम के प्रति आस्था के साथ दान दिया है, इसलिए जनता को यह जानने का अधिकार है कि उस धन और दान सामग्री का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

करन माहरा ने बताया कि इस मांग के समर्थन में शनिवार को रानीखेत में रैली निकाली जाएगी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से प्रतीकात्मक रूप से चावल एकत्र करेंगे। इन चावलों को अयोध्या भेजते हुए राम मंदिर चंदे की निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।

प्रेसवार्ता में उन्होंने रानीखेत उपजिला चिकित्सालय की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थानांतरण और लंबे समय से रिक्त पड़े पदों के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा लैब टेक्नीशियन, वाहन चालक और अन्य कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है।

माहरा ने राज्य सरकार से मांग की कि रानीखेत अस्पताल सहित प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं, स्थानांतरित विशेषज्ञ चिकित्सकों के मामलों की समीक्षा हो और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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