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रुड़की गंगा आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पंडित रोहित वैदिक ने बताया मां गंगा का आध्यात्मिक महत्व

रुड़की के प्रमुख गंगा घाट पर आयोजित दैनिक गंगा आरती में शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की और आस्था के साथ आरती में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्य पुजारी पंडित रोहित वैदिक ने मां गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गंगा का स्थान अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी, पाप-विनाशिनी और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं।

पंडित रोहित वैदिक ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां गंगा के पवित्र जल में स्नान करने और उनके तट पर पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। ऐसी मान्यता है कि गंगा में स्नान और श्रद्धापूर्वक स्मरण करने से पापों का नाश होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने बताया कि गंगा का जल केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक और औषधीय गुणों के कारण भी विशेष महत्व रखता है।

उन्होंने पौराणिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। भगवान शिव ने उनके वेग को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर प्रवाहित किया, जिससे राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मुक्ति प्राप्त हुई। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक अनेक धार्मिक अनुष्ठानों में गंगाजल का विशेष महत्व माना जाता है।

गंगा आरती के मुख्य यजमान भाजपा के जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह रहे। उन्होंने मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, प्रदेश की उन्नति और नगरवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम के अंत में पंडित रोहित वैदिक ने अक्षय प्रताप सिंह को सम्मानित किया।

इस अवसर पर पंडित चंद्रमोहन, पंडित सचिन, पंडित राजकुमार, आचार्य पंडित लवकुश, पंडित केशव सहित अनेक श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गंगा आरती के दौरान पूरा घाट भक्ति और श्रद्धा के माहौल से सराबोर दिखाई दिया।

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