उत्तराखंड के शिक्षकों को मिल सकती है बड़ी राहत, तबादलों पर सरकार का बड़ा फैसला

देहरादून: उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिए अतिरिक्त समय और स्थानांतरण अधिनियम से छूट का प्रस्ताव जल्द कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव, न्याय, कार्मिक और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के स्थानांतरण और वरिष्ठता से जुड़े मामले फिलहाल उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिसके कारण विभाग स्तर पर कई निर्णय लंबित हैं। ऐसे में जिन विद्यालयों में पर्याप्त छात्र संख्या होने के बावजूद शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां नियुक्तियां सुनिश्चित करने के लिए स्थानांतरण अधिनियम में समयवृद्धि और छूट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा जल्द से जल्द दोनों प्रस्ताव शासन को भेजें, ताकि धारा-27 और अनुरोध श्रेणी के तहत रिक्त पदों को भरा जा सके। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में पदोन्नति का मामला भी न्यायालय में लंबित है। यदि न्यायिक प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, तो अंतिम विकल्प के रूप में अध्यादेश लाकर वरिष्ठता तय करते हुए शिक्षकों को पदोन्नति देने पर भी विचार किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को अध्यादेश का प्रारूप तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में शिक्षा विभाग के त्रिस्तरीय ढांचे, एससीईआरटी और डायट के नए ढांचे एवं नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जर्जर विद्यालय भवनों के प्रस्ताव मंगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आवश्यक धनराशि जारी की जा सके।

शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ अशासकीय विद्यालयों के प्रांतीयकरण और शिक्षकों की तदर्थ सेवाओं को नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.