पटना। बिहार की राजधानी पटना के दीदारगंज थाना क्षेत्र स्थित करमलीचक के महुली रोड पर रविवार देर रात एक खाद्य तेल के गोदाम में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की 22 दमकल गाड़ियों को लगातार आठ घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद सोमवार सुबह तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
जानकारी के मुताबिक जिस गोदाम में आग लगी, वहां बड़ी मात्रा में डालडा, रिफाइंड और सरसों तेल का भंडारण किया गया था। ज्वलनशील पदार्थों की अधिक मात्रा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पटना सिटी फायर स्टेशन सहित राजधानी के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल की 22 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने पूरी रात आग बुझाने का अभियान जारी रखा। हालांकि तेल में लगी आग सामान्य आग की तुलना में अधिक जटिल होने के कारण राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
पटना सिटी फायर स्टेशन के अधिकारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि तेल आधारित आग पर काबू पाने के लिए केवल पानी का उपयोग पर्याप्त नहीं होता। इसलिए फोम कंपाउंड का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जो इस प्रकार की आग बुझाने में अधिक प्रभावी माना जाता है। उन्होंने बताया कि डालडा में लगी आग को नियंत्रित करना सबसे कठिन साबित हो रहा है, क्योंकि यह लंबे समय तक जलती रहती है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी, जिससे वास्तविक कारणों का पता चल सके। राहत की बात यह रही कि गोदाम के ठीक बगल में स्थित ब्रेड फैक्ट्री को समय रहते सुरक्षित कर लिया गया, जिससे एक बड़े हादसे और भारी नुकसान को टाल दिया गया।