‘राइजिंग सिटी’ में सीएम धामी का विजन, रुद्रपुर से लेकर किच्छा एम्स तक गिनाईं बड़ी उपलब्धियां

रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुद्रपुर के एक होटल सभागार में आयोजित ‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड के विकास का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क संपर्क, रोजगार सृजन, निवेश और सुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को साझा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है और रुद्रपुर ने प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों, आवश्यकताओं और विकास की संभावनाओं से उनका विशेष जुड़ाव रहा है और सरकार यहां संतुलित एवं समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सड़क संपर्क व्यवस्था का तेजी से विस्तार हुआ है। ऑल वेदर रोड परियोजना, एक्सप्रेस-वे और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं ने प्रदेश में आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज बनाया है। इसका सीधा लाभ पर्यटन, उद्योग, व्यापार और आम नागरिकों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किच्छा में निर्माणाधीन एम्स प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इसके शुरू होने से ऊधम सिंह नगर, पूरे कुमाऊं मंडल और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।

उन्होंने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इससे प्रदेश में पर्यटन, निवेश और व्यापार को नई गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेलाघाट, सिसैया और नारायण नगर जैसे सीमांत गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री की ‘प्रथम गांव’ अवधारणा के अनुरूप इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने ऊधम सिंह नगर को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए कहा कि यहां विविध संस्कृतियों के लोग आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते हैं, जो इस जनपद की सबसे बड़ी ताकत है।

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