मुम्बई। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य संदीप पाटिल एक बार फिर मुंबई क्रिकेट से जुड़ गए हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने उन्हें 2026-27 घरेलू सत्र के लिए सीनियर और आयु वर्ग की पुरुष टीमों का मेंटर नियुक्त किया है। एमसीए को उम्मीद है कि पाटिल का विशाल अनुभव युवा खिलाड़ियों को नई दिशा देगा और मुंबई क्रिकेट को उसकी पुरानी पहचान वापस दिलाने में मददगार साबित होगा।
मुंबई क्रिकेट भारतीय क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी देने के लिए जाना जाता है। सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और कई अन्य दिग्गजों ने इसी क्रिकेट प्रणाली से निकलकर देश का नाम रोशन किया। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में मुंबई से वैसी असाधारण प्रतिभाएं सामने नहीं आ सकी हैं, जिसके चलते एमसीए ने टीम के पुनर्निर्माण की दिशा में यह अहम कदम उठाया है।
एमसीए अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि संदीप पाटिल विभिन्न स्तरों पर खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे और आगामी घरेलू सत्र की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एसोसिएशन का मानना है कि उनके मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों के कौशल विकास को नई गति मिलेगी और भविष्य में भारतीय क्रिकेट को और बेहतर प्रतिभाएं मिल सकेंगी।
संदीप पाटिल का मुंबई क्रिकेट प्रशासन से औपचारिक जुड़ाव 2016 में समाप्त हो गया था। इससे पहले वह 2012 से 2016 तक भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष 2022 में एमसीए अध्यक्ष पद के चुनाव में दिवंगत अमोल काले से हारने के बाद वह क्रिकेट प्रशासन से दूर हो गए थे। अब उनकी वापसी को मुंबई क्रिकेट के लिए सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पाटिल ने खिलाड़ी के रूप में 1983 विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। संन्यास के बाद उन्होंने कोचिंग और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वह 1996 में भारतीय टीम के मुख्य कोच रहे और इंडिया-ए टीम के साथ काम करते हुए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया। माना जाता है कि महेंद्र सिंह धोनी के शुरुआती करियर को संवारने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एमसीए को भरोसा है कि उनकी मौजूदगी से मुंबई टीम फिर से घरेलू क्रिकेट में अपना दबदबा कायम कर सकेगी।