नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को कारोबार संचालन और नियामकीय प्रक्रियाओं में बेहतर सहयोग उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही ‘कॉर्पोरेट मित्र’ योजना शुरू करने जा रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रशिक्षित और प्रमाणित पैरा-प्रोफेशनल्स का ऐसा नेटवर्क तैयार करना है, जो एमएसएमई इकाइयों को लेखांकन, कराधान, बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी सेवाएं प्रदान कर सके।
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बजट घोषणा के तुरंत बाद एक संचालन समिति का गठन किया। मंत्रालय के मार्गदर्शन में आईसीएआई, आईसीएसआई, आईसीएमएआई और आईआईटी मद्रास ने मिलकर योजना का पाठ्यक्रम, लोगो और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इस कोर्स का ऑनलाइन अध्ययन मॉड्यूल स्वयं प्लस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत 30 वर्ष तक के भारतीय युवा आवेदन कर सकेंगे। पात्रता के लिए अभ्यर्थी का स्नातक होना या स्नातक के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत होना आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 150 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छह माह का ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण शामिल किया गया है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को ‘कॉर्पोरेट मित्र’ का आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लेखांकन, टैक्सेशन, बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन, विधिक एवं सचिवीय कार्यों के अलावा कॉस्ट और मैनेजमेंट अकाउंटिंग का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, जिससे वे एमएसएमई क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप पेशेवर सेवाएं देने में सक्षम बन सकें।
कोर्स की फीस 3,000 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। हालांकि, महिलाओं, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के अभ्यर्थियों को फीस में 50 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
योजना के संचालन को लेकर 25 जून 2026 को आईआईटी मद्रास, आईआईटी प्रवर्तक, स्वयं प्लस, आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मंत्रालय के अनुसार, ‘कॉर्पोरेट मित्र’ कोर्स के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी और इससे संबंधित जानकारी संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी।