रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के नव नियुक्त पुलिसकर्मियों से जनसेवा, ईमानदारी और कानून के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राज्य के नागरिकों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसे पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाना होगा।
गुरुवार को डोरंडा स्थित जेएपी-1 मैदान में आयोजित बेसिक ट्रेनीज पासिंग आउट परेड समारोह-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से प्रशिक्षु पुलिसकर्मी केवल अपने लिए नहीं, बल्कि झारखंड की जनता की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान कठिन परिस्थितियों और जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनका सर्वोच्च दायित्व कानून के शासन को कायम रखना और समाज की सेवा करना है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। इस वर्ष कुल 340 प्रशिक्षुओं ने अपना बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिनमें चार पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और 336 आरक्षी शामिल हैं। आरक्षियों में 255 पुरुष और 81 महिला जवान शामिल हैं।
नव नियुक्त पुलिसकर्मियों ने मार्च पास्ट, सामूहिक ड्रिल और अन्य प्रशिक्षण कौशलों का प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने संविधान की रक्षा, पुलिस बल की गरिमा बनाए रखने तथा अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्र और राज्य की सेवा करने की शपथ ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिला आरक्षियों की भागीदारी राज्य सरकार की महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर देने की नीति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए आधुनिक आवासीय विद्यालयों की स्थापना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पुलिस विभाग को बधाई दी और नव नियुक्त डीएसपी तथा आरक्षियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक तदाशा मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।