शेयर बाजार में सुस्ती की शुरुआत, आखिर किन सेक्टरों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता?

 नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार ने गिरावट के साथ शुरुआत की, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और मेटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक रहा, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई।

सुबह 9:19 बजे तक के कारोबार में एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक 43.35 अंक गिरकर 24,059.55 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 117.76 अंक लुढ़ककर 76,976.31 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता का असर घरेलू बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

आईटी और मेटल कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार को नीचे खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने इस गिरावट के बीच बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को कुछ राहत दी। निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक हरे निशान में बने रहे, जिससे इन क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि का संकेत मिला।

मुख्य सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार अपेक्षाकृत मजबूत नजर आया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.21 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि निवेशक बड़े शेयरों के मुकाबले मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में अवसर तलाश रहे हैं।

व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो निफ्टी 50 में शामिल डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, ट्रेंट और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इन कंपनियों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार में सीमित स्तर पर सकारात्मक माहौल बना रहा।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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