मुम्बई। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए, जिन्हें आज भी तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है। दुनिया की लगभग हर प्रमुख टीम के खिलाफ रन बनाने वाले सचिन ने अपने बल्ले से अनगिनत यादगार पारियां खेलीं, लेकिन उनके करियर से जुड़ा एक दिलचस्प आंकड़ा क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर सकता है।
आंकड़ों के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक बार वेस्टइंडीज के खिलाफ शून्य पर आउट हुए। महान बल्लेबाज अपने करियर में कुल आठ बार कैरेबियाई गेंदबाजों का शिकार बनकर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ बल्लेबाजों के संघर्ष की चर्चा अधिक होती है।
वेस्टइंडीज के बाद पाकिस्तान के गेंदबाजों ने सचिन को सात बार शून्य पर आउट किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज छह बार उन्हें खाता खोलने से पहले ही पवेलियन भेजने में सफल रहे। न्यूजीलैंड के खिलाफ भी सचिन पांच बार बिना रन बनाए आउट हुए।
हालांकि, कई ऐसी टीमें भी रहीं जिनके गेंदबाज अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में सचिन तेंदुलकर को कभी शून्य पर आउट नहीं कर सके। इनमें बांग्लादेश, इंग्लैंड, आयरलैंड, केन्या, नामीबिया, नीदरलैंड, बरमूडा और संयुक्त अरब अमीरात जैसी टीमें शामिल हैं। खास बात यह है कि इंग्लैंड के खिलाफ 19 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बावजूद सचिन कभी भी डक का शिकार नहीं बने।
सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 664 मैच खेले और तीनों प्रारूपों को मिलाकर 34 बार शून्य पर आउट हुए। इनमें से 20 बार वह एकदिवसीय क्रिकेट में डक का शिकार बने, जबकि टेस्ट क्रिकेट में 14 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे।
भले ही यह आंकड़ा उनके विशाल करियर का एक छोटा हिस्सा हो, लेकिन यह दर्शाता है कि महानतम बल्लेबाज भी कभी-कभी असफलताओं का सामना करते हैं। इसके बावजूद सचिन तेंदुलकर आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और सम्मानित बल्लेबाजों में गिने जाते हैं।