अलीगढ़। देश की सबसे भरोसेमंद संचार सेवाओं में गिने जाने वाले डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गंगीरी डाकघर में लोगों की महत्वपूर्ण डाक महीनों से बोरियों में पड़ी धूल फांक रही है, जबकि संबंधित नागरिक अपने जरूरी दस्तावेजों का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डाकघर परिसर में बड़ी संख्या में पत्र, सरकारी दस्तावेज, बैंक से संबंधित चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी डाक सामग्री बोरियों में भरकर छोड़ दी गई है। इनमें कई ऐसे दस्तावेज भी शामिल हैं, जिनका समय पर प्राप्त होना नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। आरोप है कि डाक वितरण में लापरवाही के कारण लोगों को आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि वे कई महीनों से अपने बैंकिंग दस्तावेज, सरकारी पहचान पत्र और अन्य आवश्यक पत्रों की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्हें समय पर डाक नहीं मिली। कई लोगों ने बताया कि बैंक से जारी एटीएम कार्ड और चेकबुक उनके पास नहीं पहुंच सके, जिससे वित्तीय लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं, कुछ लोग सरकारी योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर नहीं मिलने के कारण लाभ लेने से भी वंचित रह गए।
स्थानीय नागरिकों ने डाक कर्मचारियों पर समय पर डाक वितरण नहीं करने और उसे सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के बजाय लापरवाहीपूर्वक बोरियों में डालकर छोड़ देने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ गई है और विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आक्रोशित लोगों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम लोगों का डाक विभाग पर भरोसा कायम रह सके।