मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा हो गया, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर आ गए। इसी दौरान दूसरी लाइन पर तेज गति से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गई।
यह हादसा हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ग्वालियर से मुरैना की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान किसी यात्री ने ट्रेन के एक डिब्बे में आग लगने की सूचना दी। देखते ही देखते यह बात पूरे कोच में फैल गई और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
घबराहट में कुछ यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींचकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही कई यात्री नीचे उतर गए और रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए। इसी दौरान धौलपुर की दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस उसी स्थान से गुजरी और कई यात्री उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतकों में तीन महिलाएं और एक मासूम बच्चा भी शामिल हैं। कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में जुटा हुआ है।
इस हादसे ने एक बार फिर अफवाहों से उत्पन्न होने वाले खतरों और रेलवे ट्रैक पर उतरने के जोखिम को उजागर कर दिया है।