रानीखेत। राजकीय नागरिक चिकित्सालय परिसर में लंबे समय से बंद पड़े जन औषधि केंद्र को दोबारा शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मोर्चा की प्रदेश मंत्री विमला रावत के नेतृत्व में संयुक्त मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अस्पताल परिसर में बंद जन औषधि केंद्र का संचालन जल्द शुरू कराने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री विमला रावत ने कहा कि रानीखेत के राजकीय चिकित्सालय परिसर में पहले जन औषधि केंद्र संचालित होता था। यहां गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के साथ ही दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को कम कीमत पर जरूरी दवाएं उपलब्ध हो जाती थीं।
उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र बंद होने के बाद लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों को अब बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनके इलाज का खर्च बढ़ रहा है। दूरदराज के गांवों से आने वाले मरीजों के लिए यह परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
विमला रावत ने कहा कि जन औषधि केंद्र का उद्देश्य ही लोगों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं किफायती कीमत पर उपलब्ध कराना है। ऐसे में अस्पताल परिसर में केंद्र का बंद रहना मरीजों के हित में नहीं है। उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई कराने और जन औषधि केंद्र को जल्द से जल्द पुनः संचालित कराने का अनुरोध किया।
महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले अधिकांश मरीजों को दवाओं की जरूरत होती है। यदि उन्हें अस्पताल परिसर में ही कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हो जाएं तो इससे आम लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री विमला रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता डावर, जिला मंत्री रेखा आर्या और जिला कार्यकारिणी सदस्य अन्नू सोनकर मौजूद रहीं। महिला मोर्चा ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करेगा।