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दून अस्पताल में लावारिस मरीजों को नहीं छोड़ा जाएगा बेसहारा, डीएम ने दिए निर्देश

देहरादून। जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) में इलाज के लिए आने वाले लावारिस और निराश्रित मरीजों को अब उपचार के बाद बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी एवं चिकित्सा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. आशीष चौहान ने ऐसे मरीजों को इलाज पूरा होने के बाद रेन बसेरा या अन्य उपयुक्त आश्रय स्थल में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने को कहा।

जिला चिकित्सालय की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें अस्पताल के वित्तीय प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने, जरूरी उपकरणों की उपलब्धता, आधारभूत ढांचे के विकास और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की आय और व्यय की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को इसके कारणों की गहन जांच करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल के पिछले वर्षों के बजट का वर्षवार विश्लेषण करने को कहा गया।

डीएम ने विभिन्न मदों में किए गए खर्च का औचित्य और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल प्रभावी, पारदर्शी और मरीजों के हित में होना चाहिए।

लावारिस मरीजों के संबंध में जिलाधिकारी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है, उन्हें अस्पताल परिसर में या बाहर बेसहारा छोड़ना उचित नहीं है। ऐसे मरीजों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए रेन बसेरा या अन्य उपयुक्त आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने अस्पताल में प्रस्तावित प्रत्येक कार्य को वित्तीय नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने कहा कि जिला चिकित्सालय आम जनता से सीधे जुड़ा संस्थान है, इसलिए यहां मिलने वाली हर सुविधा का उद्देश्य मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यतेन्द्र सिंह समेत समिति के अन्य सदस्य और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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