महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता और सम्मान प्रदेशवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में राज्य के लोगों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नेताओं के साथ राजनीतिक संबंध बनाए रखना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य स्थानीय राजनीतिक दलों से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में उत्तराखंडियत की बात करती है, लेकिन इस मुद्दे पर उसका व्यवहार अलग दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की पहचान, स्वाभिमान और सम्मान की बात करने वाले राजनीतिक दलों की वास्तविक स्थिति इस प्रकरण से सामने आ गई है।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश की जनता अपने सम्मान के मुद्दे पर गंभीर है और ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी के साथ खड़े दिखाई देंगे, उन्हें जनता के सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए उत्तराखंड के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, प्रदेश के राजनीतिक दलों को राज्य की अस्मिता से जुड़े मामलों में स्पष्टता दिखानी चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष के इस बयान से उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की राजनीति में दलों के आपसी संबंधों और उत्तराखंडियत के मुद्दे पर केंद्रित होता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी का पूरा संदर्भ और कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
