कुंभ मेले की तैयारियों के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य सेक्टर के तहत 175 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अतिरिक्त भारत सरकार से अनुमोदित कार्यों के वित्तपोषण के लिए शहरी विकास विभाग के माध्यम से 317 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह कुंभ-2027 के लिए कुल 492 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
अल्मोड़ा जिले के सल्ट विधानसभा क्षेत्र में गैरखेत, बलमरा और सराईखेत मोटर मार्गों के डामरीकरण के लिए 6.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। हरिद्वार के रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तीन निर्माण कार्यों के लिए 2.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
पिथौरागढ़ के मूनाकोट विकासखंड स्थित लामाखेत ग्राम पंचायत में सकत्या बड़बाप मंदिर के सौंदर्यीकरण, दीवार और धर्मशाला निर्माण के लिए 45.03 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं, चंपावत के पुनौली ग्राम पंचायत के गोगना तोक में ऐतिहासिक ब्रह्मचारिणी मेला स्थल के विकास के लिए स्वीकृत 87.70 लाख रुपये में से 50 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है।
स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही की किश्त के रूप में 82.21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सिंचाई परियोजनाओं के तहत ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में अपर बैगुल नहर के जीर्णोद्धार के लिए 7.84 करोड़, पौड़ी के ढिकोलिया गांव में स्प्रिंकलर आधारित नलकूप योजना के लिए 1.43 करोड़ और नैनीताल के ल्वेशाल गांव में लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए 2.54 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके अलावा, टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 178 पात्र परिवारों को कृषि भूमि के बदले नकद प्रतिकर देने के लिए पुनर्वास नीति-1988 के तहत 132.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकार के इन फैसलों से कुंभ की तैयारियों, बुनियादी सुविधाओं के विकास, सिंचाई व्यवस्था और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
