खटीमा पहुंचे सीएम धामी, जनता के बीच सुनीं समस्याएं; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार शाम अपने गृह क्षेत्र खटीमा पहुंचे। उनके आगमन पर हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री लोहियाहेड स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने लोगों की ओर से रखी गई विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जनशिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो शिकायतें स्थानीय स्तर पर हल की जा सकती हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही जिन मामलों में अन्य विभागों के समन्वय की आवश्यकता हो, उनमें संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र पहुंचने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनसे मिलने पहुंचे। लोगों ने सड़क, विकास कार्यों, स्थानीय सुविधाओं और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने सभी की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी, विवेक सक्सेना, अमित कुमार पांडे, रनदीप पोखरिया, नवीन पांडे और भवानी भंडारी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के और करीब लाना है। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के मामलों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

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