Uttarakhnad News : तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : DM डॉ. आशीष चौहान

मानसून का अलर्ट, एक्शन में प्रशासन : मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक में सभी महकमों को दो टूक चेतावनी दी है कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी...

चाणक्य मंत्र ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड में प्री-मानसून की बारिश ने जहां तपती गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं जिला प्रशासन को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर ला दिया है। रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक पारे में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान बढ़ने और पर्वतीय जिलों में तेज हवाओं व आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक में सभी महकमों को दो टूक चेतावनी दी है कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस कागजी दावों के बजाय जमीनी स्तर पर समन्वय स्थापित करने पर है। जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोक निर्माण और सिंचाई विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों, नदियों और बरसाती नालों की सफाई के सख्त निर्देश दिए हैं। अक्सर देखा गया है कि मानसून के दौरान नालों में जमा मलबे और पुलों के आसपास अवरोध के कारण जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। इस जोखिम को कम करने के लिए जल निकासी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त करने और नदियों के चैनलाइजेशन कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली झोंकेदार हवाओं और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को भी मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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