रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत संचालित ‘सीसीएल के लाल’ एवं ‘सीसीएल की लाड़ली’ योजना ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। योजना से जुड़े तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड-2026 परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य और सीसीएल का नाम रोशन किया है।
वर्ष 2024-26 बैच के विद्यार्थियों में आयुष कुजूर, माही प्रिया प्रसाद और मेघा कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। रांची के पिस्का नगड़ी निवासी आयुष कुजूर ने एसटी श्रेणी में 1242वीं रैंक हासिल की है। वहीं चतरा जिले के टंडवा की माही प्रिया प्रसाद ने ओबीसी श्रेणी में 11173वीं रैंक प्राप्त की है। रामगढ़ की मेघा कुमारी ने एसटी श्रेणी में 3673वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
इन तीनों विद्यार्थियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण है। आयुष के पिता राजेश उरांव किसान हैं और उनकी माता संगीता देवी गृहिणी हैं। माही प्रिया के पिता महादेव प्रसाद स्वरोजगार से जुड़े हैं जबकि उनकी माता रेशम देवी शिक्षिका हैं। वहीं मेघा कुमारी के पिता प्रेम कुमार मुंडा किसान तथा माता झिमा देवी आंगनबाड़ी सेविका हैं।
विद्यार्थियों की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर मेहनत का साथ मिले तो ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
सीसीएल द्वारा संचालित ‘सीसीएल के लाल’ और ‘सीसीएल की लाड़ली’ योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, आवास एवं भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
सीसीएल ने कहा है कि वह भविष्य में भी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में ऐसी पहल के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।