10 साल से फरार वन्यजीव तस्करों पर शिकंजा, इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद मप्र ने उठाया बड़ा कदम

 भोपाल। मध्य प्रदेश वन्यजीव मुख्यालय ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण अभियान को और मजबूत करते हुए तीन अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों की गिरफ्तारी और उनके बारे में सूचना देने वालों के लिए कुल दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। तीनों आरोपित लंबे समय से फरार हैं और इनके खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

वन्यजीव मुख्यालय के जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने सोमवार को बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की भोपाल इकाई द्वारा वर्ष 2015 में दर्ज बाघ के अवैध शिकार और उसके अंगों की अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े मामले में मुख्य आरोपित जे.ई. तमांग और ढरके लामा पिछले करीब दस वर्षों से फरार चल रहे हैं। जांच एजेंसियां लगातार उनकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

इसी प्रकार एसटीएसएफ की शिवपुरी इकाई द्वारा दर्ज कछुओं और घड़ियालों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामले में आरोपित अल हज़ मोहम्मद शफीकुल इस्लाम उर्फ रहमान तालुकदार भी लंबे समय से फरार है। उस पर वन्यजीवों की अवैध तस्करी के गंभीर आरोप हैं।

अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित न्यायालयों द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं। उनकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और अपराधों की गंभीरता को देखते हुए इंटरपोल ने भी इनके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर उनकी तलाश की जा सके।

वन्यजीव मुख्यालय ने जे.ई. तमांग की गिरफ्तारी या उसके संबंध में पुख्ता सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं ढरके लामा और रहमान तालुकदार के बारे में जानकारी देने वालों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इन आरोपितों के संबंध में कोई जानकारी मिले तो वह वन्यजीव मुख्यालय के हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दे सकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

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