सैलानियों से गुलजार हुई फूलों की घाटी

शुरुआती चार दिनों में सैलानियों का आंकड़ा 500 के पार

चमोली। प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकर्स का लंबा इंतजार खत्म हो चुका है। चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध और यूनेस्को की धरोहर ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ (फूलों की घाटी) राष्ट्रीय उद्यान को आधिकारिक तौर पर बीते से 1 जून के लिए खोल दिया गया है। करीब 87 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अद्भुत नेशनल पार्क के कपाट खुलते ही पहले ही दिन देश-विदेश के 108 से अधिक पर्यटकों ने घाटी में दस्तक दी थी। वहीं, शुरुआती चार दिनों के भीतर ही घाटी का दीदार करने वाले सैलानियों का आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया है, जो इस सीजन की बेहतरीन शुरुआत का संकेत है। यह खूबसूरत घाटी आगामी 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी, जिसके बाद सर्दियों के आगमन के साथ ही इसे दोबारा बंद कर दिया जाएगा।

घाटी के ऊंचे पहाड़ी इलाकों से बर्फ पिघलने के बाद अब यह मखमली मैदान धीरे- रे सैकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे हिमालयी फूलों और दुर्लभ जड़ी-बूटियों से गुलजार होने लगा है। वन विभाग के मुताबिक, इस अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि, जून की शुरुआत में यहां शुरुआती कलियां और हरी मखमली घास देखने को मिल रही है, लेकिन जुलाई के मध्य से लेकर अगस्त तक यह घाटी अपने चरम यौवन पर होगी, जब ‘ब्रह्मकमल’ और ‘हिमालयन ब्लू पोपी’ जैसे दुर्लभ फूल पूरी घाटी को सतरंगी कालीन में तब्दील कर देंगे। वन विभाग ने जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष ऑनलाइन पंजीकरण और सतत गश्त की पुख्ता व्यवस्था लागू की है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.