Central Board of Secondary Education ने 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों को लेकर उठे विवाद के बीच बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने फिजिक्स और केमिस्ट्री विषयों की आंसर शीट के मूल्यांकन में हुई गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए प्रभावित छात्रों को संशोधित उत्तर पुस्तिकाएं भेजनी शुरू कर दी हैं। साथ ही बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि छात्रों के रिजल्ट भी नए अंकों के आधार पर अपडेट किए जाएंगे।
दरअसल, कई छात्रों ने सोशल मीडिया और ईमेल के माध्यम से शिकायत की थी कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में गंभीर त्रुटियां हुई हैं। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनकी मूल आंसर शीट बदल दी गई या सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया। इसके बाद सीबीएसई ने मामले की जांच की और अब ईमेल के जरिए प्रभावित छात्रों को संशोधित आंसर शीट उपलब्ध कराई है।
एक छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सीबीएसई अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर सही फिजिक्स आंसर शीट भेजी और यह स्वीकार किया कि पहले मूल्यांकन में गलती हुई थी। वहीं, एक छात्रा ने केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी की शिकायत के बाद कहा कि बोर्ड ने उनकी आपत्ति को सही माना है और अब आगे की प्रक्रिया जारी है।
इस मामले को लेकर वीडी सतीशन ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपील की है।
सीबीएसई ने 12वीं के अंकों के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 मई से शुरू कर दी है। छात्र 29 मई तक आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। हालांकि केवल वही छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए पात्र होंगे जिन्होंने पहले आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद जारी किए गए अंक अंतिम माने जाएंगे। यदि किसी छात्र के अंक कम भी होते हैं तो उन्हें भी लागू किया जाएगा और इसके खिलाफ कोई दोबारा अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।