देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। मोबिलिटी प्लान के तहत आयोजित इस बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, जंक्शन सुधार कार्य, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग तथा अन्य प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के प्रमुख चौराहों और जंक्शनों के सुधार के लिए माइक्रो लेवल प्लान तैयार किया जाए, जिससे यातायात का दबाव कम हो और लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
इंदिरा मार्केट में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। अधिकारियों ने बताया कि यहां लगभग 1,050 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जा रही है। डीएम ने एमडीडीए अधिकारियों को निर्माण एजेंसी के साथ तत्काल बैठक कर कार्य में तेजी लाने और विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो और शहर में जाम की समस्या कम हो।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत भी यातायात सुधार पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक (यातायात) और नगर निगम को प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड और रामराय पार्किंग सहित सभी लंबित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध रूप से पूरा करने पर बल दिया। बैठक में पुलिस, नगर निगम, एमडीडीए, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि देहरादून की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए सभी विभागों को गंभीरता और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।