चिली में जोरदार भूकंप से कांपी धरती, लोग घरों से बाहर भागे

चिली के उत्तरी हिस्से में मंगलवार को आए 6.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5:52 बजे आए इस भूकंप के तेज झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण United States Geological Survey और चिली के नेशनल सीस्मोलॉजिकल सेंटर के मुताबिक, भूकंप का केंद्र इक्वीके शहर से लगभग 296 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशा में जमीन के भीतर 85 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इसका प्रभाव मुख्य रूप से एंटोफागास्टा क्षेत्र और कैलामा शहर के आसपास महसूस किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप का केंद्र काफी गहराई में होने के कारण सतह पर कंपन का असर सीमित रहा। यही वजह रही कि इतनी अधिक तीव्रता होने के बावजूद बड़े स्तर पर तबाही नहीं हुई। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह भूकंप कम गहराई पर आता, तो भारी नुकसान हो सकता था।

भूकंप के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई इलाकों में सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई, जबकि पहाड़ी रास्तों पर छोटे भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। सुनामी का कोई खतरा न होने के कारण तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी नहीं की गई।

कैलामा और आसपास के प्रमुख खनन क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से काम रोक दिया गया है। वहीं स्कूल भवनों की जांच के लिए अगले दिन की कक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

चिली दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है क्योंकि यह प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है। लगातार आने वाले भूकंपों के चलते देश ने अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली और भूकंप-रोधी निर्माण तकनीक को काफी मजबूत बनाया है। खासकर 2010 और 2014 के विनाशकारी भूकंपों के बाद बिल्डिंग नियमों को और सख्त कर दिया गया था।

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