वैश्विक बाजार से आई सकारात्मक खबरों का असर सोमवार को भारतीय मुद्रा बाजार में साफ दिखाई दिया। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसके चलते रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 40 पैसे की बढ़त के साथ 95.20 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को भी भारतीय मुद्रा में मजबूती देखने को मिली थी और रुपया 95.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि पिछले करीब तीन महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब कम होता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ रहा है। निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ने से उभरते बाजारों की मुद्राओं को समर्थन मिला है, जिसमें भारतीय रुपया भी शामिल है।
सोमवार सुबह कारोबार की शुरुआत में रुपया 95.36 प्रति डॉलर पर खुला और कुछ ही समय में 95.20 के स्तर तक मजबूत हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कम होता है तो आने वाले दिनों में रुपये को और मजबूती मिल सकती है।
इस बीच अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स भी कमजोर नजर आया। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत गिरकर 99.04 पर कारोबार करता दिखा। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 5.43 प्रतिशत टूटकर 97.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहतभरी मानी जा रही है, क्योंकि इससे व्यापार घाटा और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।