बद्रीनाथ धाम। उत्तराखंड के पवित्र के कपाट गुरुवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए।

कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्ति और आस्था के माहौल में डूब गया। पहले ही दिन देश-विदेश से पहुंचे करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कराई और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से हरित और स्वच्छ यात्रा में सहयोग करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण लोक संस्कृति और आस्था से सराबोर हो गया। वहीं विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने धाम में संचालित भंडारे का शुभारंभ भी किया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सेवा कार्यों को महत्वपूर्ण बताया।
चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।