स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्री ऑथराइजेशन (पूर्व अनुमोदन) प्रक्रिया में राज्य ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह सम्मान पुणे में आयोजित चिंतन शिविर के दौरान रीना जोशी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) उत्तराखंड ने ग्रहण किया।
यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के तहत दी गई है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों के उपचार से पहले अस्पतालों द्वारा प्री ऑथराइजेशन के लिए आवेदन किया जाता है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृत करना अनिवार्य होता है।
एनएचए ने इसके लिए टर्न अराउंड टाइम (TAT) छह घंटे तय किया है, जिसके भीतर आवेदन का ऑटो अप्रूवल हो जाता है। हालांकि उत्तराखंड ने इस निर्धारित समय से पहले ही अधिकतर मामलों में अनुमोदन देकर मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) उत्तराखंड ने अस्पतालों से प्राप्त प्री ऑथराइजेशन आवेदनों को समयबद्ध तरीके से स्वीकृत कर यह उपलब्धि हासिल की है। इससे मरीजों को बिना देरी के इलाज मिलना संभव हो सका है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दर्शाता है।
इस मौके पर सीईओ रीना जोशी ने एसएचए की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास और बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी राज्य इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा।
चिंतन शिविर में एसएचए की निदेशक क्लेम डॉ. सरोज नैथानी भी मौजूद रहीं। इस उपलब्धि से उत्तराखंड ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिचय दिया है।