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वृंदावन में जीवनदीप आश्रम का भव्य लोकार्पण, मोहन भागवत समेत देशभर के संतों की मौजूदगी

रुड़की / वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन के सेक्टर-32, रुक्मिणी विहार स्थित जीवनदीप आश्रम का भव्य लोकार्पण समारोह आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक उत्साह के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के प्रमुख संतों, विद्वानों और राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, साध्वी ऋतम्भरा तथा जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित अनेक संतों ने भाग लिया।

जीवनदीप आश्रम के इस उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य यजमान डॉ. अभिषेक वर्मा रहे। उन्होंने आश्रम को आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सेवा का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने भारतीय समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं साध्वी ऋतम्भरा ने आत्मचिंतन और सत्कर्मों को जीवन का आधार बताते हुए समाज को आध्यात्मिक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

समारोह में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। मिजोरम का पारंपरिक **चापचार कुट** (बांस नृत्य) विशेष आकर्षण रहा, जबकि हनुमान चालीसा पर युवाओं की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूर्वोत्तर भारत और लेह-लद्दाख की सांस्कृतिक झलकियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

जीवनदीप आश्रम के अध्यक्ष स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने बताया कि यह आश्रम सनातन धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहेगा। आने वाले समय में देश के अन्य शहरों में भी इस प्रकार के आश्रम स्थापित करने की योजना है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक वर्मा ने सभी अतिथियों और संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आश्रम के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और सेवा के कार्य निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ा जा सके और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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