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चक्रव्यूह के मंचन से रागिनी शंकर के सुरों तक, विरासत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

देहरादून। हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विरासत महोत्सव-2026 का रविवार का दिन कला, साहित्य, संगीत और रोमांच के नाम रहा। छुट्टी होने के कारण महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। किसी ने हस्तशिल्प और खानपान के स्टॉलों पर खरीदारी की तो किसी ने लोकनाट्य, कवि सम्मेलन और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। सुबह सुपर बाइक रैली आकर्षण का केंद्र रही, जबकि शाम को प्रसिद्ध वायलिन वादक रागिनी शंकर की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दिन की शुरुआत 24 पुरानी मॉडल की मोटरसाइकिलों की रैली से हुई। रीच संस्था की संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली गढ़ी कैंट, दिलाराम चौक और मसूरी डायवर्जन से होते हुए निर्धारित मार्ग पर निकली। बीएमडब्ल्यू एस 1000 आरआर और रॉयल एनफील्ड कॉन्टिनेंटल जीटी जैसी दमदार बाइकों ने लोगों का ध्यान खींचा।

महोत्सव में लोकनाट्य ‘चक्रव्यूह’ का प्रभावशाली मंचन भी किया गया। डॉ. पुरोहित और सुशील पुरोहित के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक में महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कलाकारों ने अभिनय और लोकसंगीत के जरिए संस्कृति, इतिहास तथा प्रकृति के महत्व को दर्शाया।

दोपहर में डॉ. रजनी चौहान के संयोजन में कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें अरुण शर्मा, प्रदीप मायूस, रमेश चंद्र, डॉ. निखिल चौहान ‘मन’, गुरुदत्त और दिव्यांश मिश्रा ने हास्य, शृंगार, ओज, गीत और गजलों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।

वहीं, शाम की सांगीतिक महफिल में वायलिन वादक रागिनी शंकर ने राग रागेश्री और भैरवी की प्रस्तुति दी। तबले पर पंडित अभिषेक मिश्रा ने संगत की। दोनों कलाकारों की शास्त्रीय संगीत की जुगलबंदी ने महोत्सव की शाम को यादगार बना दिया।

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