जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत चिह्नित गांवों में रहने वाले बुक्सा जनजाति के परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। इसके लिए परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करने के साथ आवास, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी जुटाने को कहा गया है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ें। साथ ही, लाभ से वंचित परिवारों का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया जा सके। जिलाधिकारी ने इस कार्य में लापरवाही न बरतने और विभागीय स्तर पर प्रगति की जानकारी तैयार रखने पर जोर दिया है।
इस अभियान के तहत जनजाति कल्याण, समाज कल्याण, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पेयजल, विद्युत और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा, चिह्नित गांवों के विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और भवनों की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है। स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली कनेक्शन तथा कंप्यूटर और प्रिंटर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य बुक्सा जनजाति के पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
