केदारनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं। बर्फबारी से जहां प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा है, वहीं बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने धाम में अलाव की व्यवस्था की है।
गुरुवार सुबह रुद्रप्रयाग जिले के कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हुई, जबकि केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। तीन दिन पहले भी धाम में बर्फबारी हुई थी। उधर, देहरादून में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया है।
चारधाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना है। ऐसे में बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।
श्रद्धालु गर्म कपड़े साथ रखें: डीएम
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी लेने, गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
10 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम में सावधानी बरतने और पहाड़ी मार्गों पर निकलने से पहले ताजा पूर्वानुमान देखने की सलाह दी गई है।
