भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से वैभव वालिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान महिला सशक्तीकरण, समान अधिकार और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया।
वैभव वालिया ने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली, पर्यावरण संरक्षण की प्रतीक गौरा देवी और एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल ने अपने साहस और संकल्प से प्रदेश का नाम रोशन किया है। इन महिलाओं ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनका जीवन आज भी महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के योगदान को सम्मान देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानने के साथ ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि महिला सम्मान केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता के रूप में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता उपलब्ध कराना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके अधिकारों को लेकर विचार साझा किए गए।
इस अवसर पर मंजू त्रिपाठी, पीयूष गौड़, केके शास्त्री, गोपाल गौतम नौटियाल और आयुष नेहरा सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने और समानता के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
