मुख्यमंत्री के खटीमा पहुंचने पर विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोगों की ओर से प्रस्तुत की गई शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि आम जनता को अपनी शिकायतों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को प्रभावी ढंग से संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका समाधान किया जा सके। जनसंवाद के माध्यम से लोगों की जरूरतों को समझना और उनकी समस्याओं पर कार्रवाई करना सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा मंत्री संतोष गौरव और फरजाना बेगम, नानकमत्ता नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिला पंचायत सदस्य भास्कर सम्भल, रमेश चंद्र जोशी, रनदीप पोखरिया, अमित पाण्डे और भवानी भंडारी मौजूद रहे।
इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, अपर पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन और अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
