दशहरा पर्व के अवसर पर टौंस वैली युवा विकास समिति, ग्राम कोटी, खत विशायल की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। समारोह में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर लोक नृत्य प्रस्तुत कर जौनसार-बावर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई। धार्मिक आयोजन के साथ खेल प्रतियोगिताओं ने भी लोगों का उत्साह बढ़ाया।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष सिमोग में दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिलों की सीमा पर स्थित सराहां और चूड़धार क्षेत्र से आराध्य देव शिरगुल महाराज का विजयादशमी के अवसर पर जौनसार-बावर के सिमोग पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय है।
उन्होंने कहा कि शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह आयोजन धार्मिक विश्वास को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्र की प्राचीन परंपराओं और लोक संस्कृति को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सिमोग में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सतपाल महाराज कालसी क्षेत्र के हरिपुर स्थित जमुना कृष्णधाम पहुंचे। यहां उन्होंने मां यमुना की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर भीम सिंह चौहान, जबर सिंह नेगी, डॉ. श्याम कुंवर, शांति चौहान, अमित नेगी, गीता राम शर्मा, संत राम चौहान, सूरत सिंह चौहान, केशर सिंह चौहान और बीर सिंह चौहान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
