देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण देकर व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है। राज्य में अब तक 141 युवाओं को पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे युवा पर्यटन क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर आजीविका हासिल कर सकेंगे।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल जिले के बिल्खेत में एक से 30 अक्टूबर तक उड़ान अभ्यास अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 17 प्रशिक्षित युवा हिस्सा ले रहे हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक उड़ान का अनुभव देना और उन्हें व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग के लिए तैयार करना है।
100 घंटे की उड़ान के बाद पूरी करनी होगी अगली चुनौती
पैराग्लाइडिंग में व्यावसायिक पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण के साथ पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव भी जरूरी है। बिल्खेत में युवाओं को नियमित उड़ान अभ्यास कराया जा रहा है। उन्हें 100 उड़ान घंटे पूरे करने होंगे। इसके बाद 35 किलोमीटर की क्रॉस-कंट्री उड़ान पूरी करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित मानकों और अर्हताओं को पूरा करने वाले युवाओं को व्यावसायिक टेंडम पायलट लाइसेंस दिया जाएगा। इसके बाद वे तकनीकी समिति की ओर से चयनित स्थलों पर व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।
नवंबर में चंपावत में चलेगा अभियान
पर्यटन विभाग के मुताबिक, बिल्खेत में चल रहे उड़ान अभ्यास अभियान के बाद नवंबर में चंपावत जिले में भी ऐसा अभियान आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उड़ान का जरूरी अनुभव उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन से बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए बेहतर संभावनाएं रखते हैं। इन गतिविधियों से पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक लाइसेंस हासिल करने तक की प्रक्रिया युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यटन क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
