कुमारी शैलजा ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान 27 अक्टूबर को कांग्रेस गैरसैंण विधानसभा का घेराव करेगी। इस दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच, प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और पलायन जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। पार्टी इन सवालों को सदन के भीतर भी प्रमुखता से रखेगी।
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित विशाल रैली में शामिल होने की घोषणा की है। इसमें उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की बात कही गई।
प्रदेश की भूमि संबंधी नीतियों, जमीन के कथित अनुचित हस्तांतरण और प्राकृतिक संसाधनों पर जनता के अधिकारों को लेकर 4 नवंबर को जिला एवं प्रदेश मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस उन स्थानों पर भी प्रदर्शन करेगी, जहां जमीनों को कथित तौर पर औने-पौने दामों पर बेचे जाने के आरोप हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच, सरकारी खर्चों की जवाबदेही, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, रोजगार के अवसर बढ़ाने, पलायन रोकने और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। कुमारी शैलजा ने कहा कि जिन विभागों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिलेंगी, उनकी जांच कर जनता के पैसे का हिसाब लिया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. हरक सिंह रावत, भुवन कापड़ी, गुरदीप सिंह सप्पल, मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा, राजेंद्र भंडारी, ज्योति रौतेला, पंखुड़ी पाठक और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने, उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी।
