राज्यपाल से भेंट करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह, डीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार, हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा और उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स सहित अनेक लोग शामिल रहे।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य करना उनके लिए गौरव और सौभाग्य का विषय रहा है। प्रदेश के लोगों से मिले स्नेह, विश्वास और सहयोग को उन्होंने अपने कार्यकाल की अनमोल उपलब्धि बताया।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता से मिला अपनापन और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के दौरान प्राप्त सहयोग उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार, प्रशासन, विभिन्न संस्थानों और आमजन की भूमिका को भी सराहा।
राज्यपाल ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान प्रदेश के विकास, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, युवाओं को प्रोत्साहित करने, पूर्व सैनिकों के सम्मान और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर काम करने के अनेक अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए सामूहिक प्रयास और विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक रहा है। प्रदेश सरकार, प्रशासन और आमजन के सहयोग से जनहित से जुड़े कई विषयों पर कार्य करने का अवसर मिला।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा और यहां के लोगों का अपनत्व सदैव उनकी स्मृतियों में बना रहेगा। उन्होंने प्रदेश के लोगों से मिले सम्मान और सहयोग के लिए आभार जताया।
लोक भवन में हुई इन मुलाकातों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के योगदान की सराहना करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
