सतपाल महाराज ने विश्वास जताया कि डॉ. बिसेन के लंबे राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण से उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में उनका अनुभव प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकता है।
महाराज के अनुसार, डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे चार बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, वित्त आयोग के अध्यक्ष और बालाघाट से लोकसभा सांसद के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
डॉ. बिसेन की राजनीतिक यात्रा और सार्वजनिक जीवन का अनुभव उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। सतपाल महाराज ने उनकी चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़ा उनका ज्ञान तथा जनसेवा का अनुभव उत्तराखंड के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस पद पर अनुभवी व्यक्ति की भूमिका राज्य के संस्थागत कार्यों और विकास से जुड़े विषयों में मार्गदर्शक हो सकती है।
सतपाल महाराज ने उम्मीद जताई कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन अपने संवैधानिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे और उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने नवनियुक्त राज्यपाल के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उन्हें एक बार फिर बधाई दी।
