कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर मंगलवार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ। मतदान के शुरुआती घंटों में ही दोनों क्षेत्रों से राजनीतिक टकराव, झड़प, गिरफ्तारी और पुलिस पर पक्षपात के आरोप सामने आए। रेजीनगर में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और नाओदा विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि नंदीग्राम में कांग्रेस नेता को हिरासत में लिया गया।
रेजीनगर में मतदान केंद्र के बाहर हुमायूं कबीर की पुलिसकर्मियों से तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने भाजपा पर बूथ स्तर पर मतदान में बाधा डालने और वोट लूटने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, कबीर पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप हैं। बेलडांगा के एसडीपीओ आनंदजीत होर ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।
इस बीच कांग्रेस और वाममोर्चा ने पुलिस पर उनके पोलिंग एजेंटों को कई बूथों पर बैठने से रोकने का आरोप लगाया। कुछ स्थानों पर अधिकृत पहचान पत्र होने के बावजूद मीडियाकर्मियों को कवरेज से रोकने की शिकायत भी सामने आई।
नंदीग्राम में सरबेड़िया के बूथ संख्या 212 पर सीपीआई उम्मीदवार के चुनाव एजेंट शेख सद्दाम हुसैन पर हमले की घटना सामने आई। घायल सद्दाम को नंदीग्राम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अशांति फैलाने के आरोप में नंदीग्राम-1 कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेख असाफुलतुल्ला को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने पत्नी अर्पिता प्रधान के साथ मतदान किया और लोगों से निर्भय होकर वोट डालने की अपील की। कुछ बूथों पर लंबी कतारें भी देखी गईं।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए नंदीग्राम में 37 और रेजीनगर में 34 कंपनी केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। चुनाव आयोग ने मतदान शुरू होने से पहले नंदीग्राम थाने के प्रभारी को भी बदल दिया।
नंदीग्राम में 2,66,419 और रेजीनगर में 2,56,564 मतदाता हैं। दोनों सीटों पर मतदान शाम छह बजे तक चलेगा।
