यूपी में बारिश बनी आफत, 15 मौतों के बाद अलर्ट पर प्रशासन

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय के शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से प्रदेश में 15 लोगों की मौत, पांच लोग घायल और चार पशुओं की मौत हुई है। बारिश के कारण 117 मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

सबसे अधिक चार मौतें लखीमपुर खीरी में दर्ज की गई हैं। अयोध्या में दो तथा अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। हादसों की प्रमुख वजह मकान या दीवार गिरना और आंधी के दौरान पेड़ों के गिरने को बताया गया है। हरदोई में पेड़ के मकान पर गिरने से 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। कई स्थानों पर कच्चे मकान और दीवारें भी ढह गईं।

बारिश और आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान बांदा में हुआ, जहां 32 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। जालौन में 21 और हरदोई में 14 मकानों को नुकसान पहुंचा है। औरैया और पीलीभीत में सात-सात, जबकि बहराइच और सुल्तानपुर में पांच-पांच मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जिलों में पेड़ और बिजली के ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की सूचनाएं हैं।

प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में राज्य में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक वर्षा हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

भारी बारिश को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखा गया है। नेपाल में हो रही बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है।

राहत आयुक्त ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और आंधी-वज्रपात के दौरान पेड़, बाग और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 36 घंटे के बाद मौसम में सुधार की संभावना है। आपदा की स्थिति में राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.