नोएडा, 27 सितंबर। कभी शौक के तौर पर शुरू किया गया काम आज कई महिलाओं के लिए मजबूत कारोबार बन चुका है। किसी ने कपड़ों पर चित्रकारी के हुनर को व्यवसाय का रूप दिया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह के जरिए दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचीं महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां महिला सशक्तीकरण की बदलती तस्वीर पेश कर रही हैं।
मेरठ के कंकरखेड़ा की हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के तहत पीतल की कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि ऐसे मंचों से महिलाओं को अपने उत्पाद बड़े स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उनके उत्पाद अब देश के साथ विदेशी बाजारों में भी पहुंच बना रहे हैं।
गाजियाबाद की अंजली ने चित्रकारी के शौक को कारोबार में बदल दिया। अंजली क्रिएशन के जरिए वह कपड़ों पर हाथ से चित्रकारी करती हैं। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने इस काम की शुरुआत की थी। आज उनके तैयार सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। कारोबार बढ़ने के साथ अंजली सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं।
गाजियाबाद के वसुंधरा की प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के माध्यम से हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट के बैग लेकर पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। ट्रेड शो के जरिए उन्हें नए ग्राहकों और बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा आजीविका स्वयं सहायता समूह चलाती हैं। उनके समूह से 13 महिलाएं जुड़ी हैं और वे बेडशीट समेत अन्य उत्पाद तैयार करती हैं। वहीं सहारनपुर की सुधा सैनी चलोरी स्वयं सहायता समूह के साथ हस्तशिल्प उत्पाद लेकर पहुंची हैं। वह लगातार चौथी बार नोएडा के ट्रेड शो में भाग ले रही हैं।
इन महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि अब महिलाएं केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार संभालने, बाजार तलाशने, ब्रांडिंग और बिक्री के साथ दूसरी महिलाओं को रोजगार देने में भी आगे बढ़ रही हैं। ट्रेड शो उनके लिए नए बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अहम मंच बन रहा है।