नई दिल्ली, 27 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में देशवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक जनगणना देश के भविष्य की तस्वीर तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री ने बताया कि जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। दूरदराज और बर्फीले क्षेत्रों में भी यह प्रक्रिया जारी है।
मोदी ने नागरिकों से जनगणना के लिए उपलब्ध स्व-पंजीकरण सुविधा का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने बताया कि मोबाइल के जरिए पोर्टल पर परिवार की जानकारी दर्ज की जा सकती है। यह सुविधा हिंदी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है और अब तक 2.60 करोड़ से अधिक लोग स्वयं अपना विवरण दर्ज कर चुके हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों मौजूद हैं। उन्होंने 2008 के दिल्ली और मुंबई आतंकी हमलों का भी स्मरण किया।
प्रधानमंत्री ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोमनाथ और मोढेरा की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाया नहीं जा सका। मोढेरा को देश के पहले सौर ग्राम के रूप में भी उन्होंने रेखांकित किया।
मोदी ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जनअभियानों की सराहना की। असम में हाथियों की वापसी, पिग्मी हॉग संरक्षण और सुंदरबन में मैंग्रोव विकसित कर रहीं महिलाओं के प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने नशा मुक्त युवा अभियान, ग्रामीण हॉकी प्रतिभाओं को बढ़ावा दे रहे पूर्व ओलंपियन राजिंदर सिंह और प्रतापगढ़ के आंवला आधारित उद्योगों की सफलता की भी चर्चा की। थाईलैंड में गणेश संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गणेश हिमालय संग्रहालय का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देता है।