तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेनाओं की मदद से पिछले दो महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से एक अरब बैरल से अधिक कच्चा तेल सुरक्षित रूप से गुजरा है। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने अमेरिकी दावे को झूठा और हास्यास्पद बताया है।
शेखरची ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से पेश किए जा रहे आंकड़े जमीनी स्थिति को नहीं दर्शाते। उनके मुताबिक, ऐसे बयानों का उद्देश्य क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और अभियान से जुड़े नुकसान को सही ठहराना है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नियंत्रण अब भी ईरान के सशस्त्र बलों के हाथ में है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने पिछले दो महीनों में होर्मुज से एक अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल के सुरक्षित परिवहन में मदद की है। कूपर के अनुसार, अमेरिकी सेना ने 2,000 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों को समन्वित सुरक्षा उपलब्ध कराई। उन्होंने यह भी कहा कि जलडमरूमध्य के प्रमुख समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाई गई हैं।
कूपर ने दावा किया कि पिछले दो सप्ताह में होर्मुज से कच्चे तेल, माल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आवाजाही पिछले छह महीनों में सबसे अधिक रही। अमेरिका का कहना है कि वह क्षेत्रीय सहयोगियों, बीमा कंपनियों और शिपिंग कंपनियों के साथ मिलकर समुद्री यातायात बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।
हालांकि, स्वतंत्र शिपिंग आंकड़ों में जलडमरूमध्य से आवाजाही अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम दिखाई दे रही है। रॉयटर्स के अनुसार, 18 सितंबर को केवल चार कमोडिटी जहाजों ने होर्मुज पार किया, जबकि 10 दिनों का औसत 16 जहाज प्रतिदिन था।
इस तरह होर्मुज को लेकर दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर सामने आया है। ईरान इसे अपने नियंत्रण में बता रहा है, जबकि अमेरिका सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने का दावा कर रहा है।