नई दिल्ली, 16 सितंबर। एशियाई खेल-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान पुष्पा राणा और अर्जुन पुरस्कार विजेता पूजा काजला ने टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों का लक्ष्य एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल करना है।
12 सदस्यीय टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने कहा कि टीम ने संभावित विरोधियों के खेल का विश्लेषण करने के साथ अपनी कमजोरियों पर भी काम किया है। अभ्यास के दौरान पिछले मुकाबलों की गलतियों की समीक्षा की जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति तैयार की जा रही है। राणा के मुताबिक टीम प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार है।
एशियाई खेलों में कबड्डी भारत के लिए सफल खेलों में शामिल रहा है। भारत ने अब तक इस स्पर्धा में 11 स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला टीम ने हांगझोउ एशियाई खेलों के फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा भारतीय महिला टीम ने पिछले साल विश्व कप का खिताब भी अपने नाम किया था।
राणा पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रही हैं। हालांकि वह पहले उपकप्तान की भूमिका निभा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों ऋतु नेगी और सोनाली शिंगाटे का मार्गदर्शन उनके लिए महत्वपूर्ण है। राणा ने चीनी ताइपे को प्रमुख चुनौती देने वाली टीमों में शामिल बताया।
अर्जुन पुरस्कार विजेता पूजा काजला ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से युवा लड़कियों को खेलों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग शिविर को भी खिलाड़ियों के लिए उपयोगी बताया। शिविर में फिटनेस के साथ नींद और रिकवरी से जुड़े पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 21 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ करेगी। इसके बाद 23 सितंबर को ईरान और 24 सितंबर को जापान से मुकाबला होगा। सेमीफाइनल 25 सितंबर और स्वर्ण पदक का मुकाबला 26 सितंबर को होगा।