नई दिल्ली। भारत से जरूरी दस्तावेज और आव्रजन प्रक्रिया पूरी किए बिना तीन विदेशी यात्रियों के जर्मनी पहुंच जाने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। फिलहाल तीनों यात्रियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, तीनों यात्री चार सितंबर को पंजाब के अमृतसर से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद वे दिल्ली से लुफ्थांसा की म्यूनिख जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो गए। खास बात यह है कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उन्होंने आवश्यक आव्रजन प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। मामले में विमानन कंपनी एयर इंडिया को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को हुई इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। मामले पर चर्चा के लिए शाम सात बजे कर्तव्य भवन में बैठक बुलाई गई है। इसकी अध्यक्षता गृह सचिव गोविंद मोहन करेंगे। बैठक में नागर विमानन मंत्रालय के सचिव व अतिरिक्त सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, आव्रजन ब्यूरो के आयुक्त, एयर इंडिया के सीईओ और दिल्ली हवाई अड्डे के सीईओ समेत अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, तीनों यात्रियों को अमृतसर हवाई अड्डे पर ही दिल्ली और म्यूनिख जाने वाली उड़ान के बोर्डिंग पास जारी कर दिए गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें आव्रजन प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन उन्हें इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर के लिए भेज दिया गया। इसी प्रक्रिया के कारण वे आवश्यक जांच के बिना अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक पहुंच गए।
अमृतसर हवाई अड्डे पर हब एंड स्पोक मॉडल लागू है। इसके तहत छोटे और मझौले शहरों से आने वाले यात्रियों की चेक-इन और आव्रजन जैसी प्रक्रियाएं शुरुआती हवाई अड्डे पर पूरी की जाती हैं। इसके बाद यात्री बड़े हब एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी होल्ड एरिया से बाहर निकले बिना अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ सकते हैं। इसी व्यवस्था में हुई चूक अब जांच के केंद्र में है।