नई दिल्ली। एशिया कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। यह एशिया कप में दूसरी बार है, जब भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से दूरी बनाई है।
मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं। इसी वजह से भारतीय टीम की ओर से उनके हाथों ट्रॉफी लेने को लेकर आपत्ति जताई जाती रही है। इससे पहले 2025 के एशिया कप में भारतीय पुरुष टीम ने भी खिताब जीतने के बाद नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। लगातार दो टूर्नामेंट में सामने आई इस स्थिति ने भारत और एसीसी के बीच ट्रॉफी समारोह को लेकर विवाद को चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, अब इस गतिरोध के खत्म होने की संभावना नजर आ रही है। एसीसी अध्यक्ष के तौर पर नकवी का मौजूदा कार्यकाल 3 अप्रैल 2027 को समाप्त होना है। एशिया कप का आयोजन आमतौर पर दो साल के अंतराल पर होता है और अगला पुरुष एशिया कप जून 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में टूर्नामेंट के समय तक नकवी का कार्यकाल समाप्त हो चुका होगा।
एसीसी अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होता है। भारत के साथ मौजूदा रिश्तों और नकवी की भूमिका को देखते हुए उनके दोबारा अध्यक्ष चुने जाने की संभावना कम मानी जा रही है। इससे अगले एशिया कप में भारतीय टीम के सामने ट्रॉफी समारोह को लेकर मौजूदा तरह की स्थिति बनने की आशंका भी कम हो सकती है।
इससे पहले जय शाह ने 2021 से 2025 तक एसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी और उन्हें सर्वसम्मति से दोबारा चुना गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, नकवी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एसीसी की कमान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि को मिल सकती है। उनका कार्यकाल मध्य 2029 तक रहने की संभावना जताई जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद अब निगाहें 2027 में होने वाले एशिया कप पर हैं, जहां एसीसी नेतृत्व में बदलाव भारत और क्रिकेट जगत के लिए अहम साबित हो सकता है।