After Header-1

धीरज बोम्मदेवरा ने रचा इतिहास, शूट-ऑफ में जीता एशियाई खेलों से पहले बड़ा खिताब

साल्टिलो (मेक्सिको)। भारत के युवा तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा ने विश्व तीरंदाजी कप फाइनल में पुरुष रिकर्व वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 25 वर्षीय धीरज ने रोमांचक फाइनल में जापान के विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में हराया। इस जीत से उन्होंने आगामी एशियाई खेलों से पहले भारतीय तीरंदाजी के लिए भी बड़ी उम्मीद जगाई है।

विजयवाड़ा के धीरज विश्व तीरंदाजी कप फाइनल में पुरुष रिकर्व स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। निर्धारित पांच सेट के बाद दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 5-5 से बराबर रहा। इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ, जहां धीरज ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 अंक का सटीक निशाना लगाया। नाकानिशी 9 अंक ही हासिल कर सके और भारतीय तीरंदाज ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

फाइनल में धीरज ने शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला किया। पहला सेट 28-28 से बराबर रहने के बाद नाकानिशी ने दूसरा सेट 29-28 से जीतकर 3-1 की बढ़त बना ली। हालांकि, धीरज ने तीसरे सेट में 29-28 से जीत हासिल कर स्कोर बराबर कर दिया। चौथे सेट में जापानी खिलाड़ी ने 29 अंक जुटाकर फिर बढ़त बनाई।

निर्णायक पांचवें सेट में धीरज ने धैर्य बनाए रखा। दोनों ने पहली तीर पर 9-9 अंक बनाए। इसके बाद धीरज ने दूसरी तीर पर 10 अंक हासिल किए, जबकि नाकानिशी 9 अंक ही बना सके। अंतिम तीरों के बाद मुकाबला 5-5 से बराबर रहा और शूट-ऑफ में धीरज ने बाजी मार ली।

इससे पहले सेमीफाइनल में धीरज ने फ्रांस के ओलंपिक पदक विजेता जीन-चार्ल्स वालाडोंट को 7-1 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तुर्किये के ओलंपिक पदक विजेता बेरकिम तुमेर को भी 7-1 से शिकस्त दी। लगातार शीर्ष खिलाड़ियों को मात देने के बाद धीरज का स्वर्ण भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.