देहरादून। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। सोमवार को भाजपा महानगर देहरादून ने महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना एवं मार्च आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर समाज में जातीय विभाजन और तनाव पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा मामले को जातीय भेदभाव से जोड़कर लगातार बयान दिए जा रहे हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने कांग्रेस और उसके नेताओं को पहले ही नकार दिया है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक लाभ के लिए जातीय मुद्दों को तूल देने के बावजूद प्रदेश की जनता भाजपा पर अपना भरोसा कायम रखे हुए है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने भी कार्यकर्ताओं का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी की घटना के बाद कथित अनुष्ठान को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान लगाए गए कथित नारों और की गई टिप्पणियों को भाजपा ने अपने आयोजन का प्रमुख कारण बताया है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा प्रभावित नहीं होना चाहिए। पार्टी ने कांग्रेस पर मामले को जातीय रंग देने का आरोप लगाते हुए सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया और कांग्रेस नेतृत्व की बयानबाजी पर विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं ने कहा कि हल्द्वानी प्रकरण की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।