देहरादून। प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का विधिवत शुभारंभ किया। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शुरू की गई इस योजना से हर वर्ष करीब 11 हजार छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी।
मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 18 से 25 वर्ष की उम्र युवाओं के कैरियर और भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर मिलना जरूरी है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्रदेश के राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मिलेगा। हर साल लगभग 11 हजार छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के तहत विद्यार्थियों को आईएएस, पीसीएस, एसएससी, रक्षा सेवाओं, बैंकिंग, रेलवे, नीट, सीएसआईआर-जेआरएफ, कैट और मैट समेत विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी तथा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल अध्ययन सामग्री, प्रश्न बैंक और अन्य जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
डॉ. रावत ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर कैरियर अवसरों से जोड़ना है। आर्थिक संसाधनों या गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की कमी के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपने प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ऑनलाइन माध्यम से प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता युवाओं तक पहुंचाएगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर देने की है। ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ इसी दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास है।