स्वास्थ्य महानिदेशालय में लंबित प्रकरणों और विभागीय कार्यों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने विभिन्न अनुभागों में चल रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि कार्यालय में प्राप्त किसी भी पत्रावली या प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक मामले का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अनुभाग के प्रभारी अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
डॉ. टम्टा ने संयुक्त निदेशक और सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने अनुभागों की नियमित निगरानी करने तथा लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सूचना का अधिकार (RTI) अनुभाग के कार्यों की भी विशेष समीक्षा की गई। महानिदेशक ने कहा कि RTI से जुड़े सभी प्रकरणों का निर्धारित अवधि में निस्तारण किया जाए, ताकि आवेदकों और अपीलकर्ताओं को समय पर आवश्यक सूचना उपलब्ध हो सके।
कार्यालयीन अनुशासन को लेकर भी डॉ. टम्टा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी निर्धारित कार्यालय समय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। अनधिकृत अनुपस्थिति या कार्यालय पहुंचने में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महानिदेशक ने कहा कि प्रभावी कार्यालय व्यवस्था के लिए समयपालन, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी हैं। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और गंभीरता से करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए। समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य-निस्तारण से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।